Saturday, April 10, 2010

कुछ पल....खुशी के....!

अपनों के बीच में रहते हुये शायद ही कभी इस बात का एहसास होता हो कि हमें सबसे ज्यादा खुशी कब मिलती है….????  पर कभी-कभी जीवन में कुछ पल ऐसे होते हैं जो हमें इतनी खुशियां देते हैं कि हम इन पलों को कभी भूल नहीं पाते.......ऐसे ही पलों का हमें अपने जीवन में सबसे ज्यादा इंतजार रहता है......और हो भी क्यों न......एक मुकाम पर पहुंचने के बाद  इंसान ऐसे ही कुछ हसीन पलों को याद करता है...!ये कुछ पल हमें कभी भी मिल सकते हैं......तो क्यों न इन खुशी के पलों को समेट के रखा जाये......और एक खुशहाल जिंदगी व्यतीत की जाये.....!        

                                                                                                     

     पर अपने  लिये खुशियां बटोरने के चक्कर में कहीं दूसरों की भावनायें आहत न हो……इस बात का खयाल रखना भी जरुरी है.....! आज इंसान केवल अपने तक ही सीमित हो गया है....दूसरों के बारे में सोचने के लिये न आपके पास वक्त है और न ही मेरे पास......क्यों.....शायद इसलिये कि अपनी तरक्की ही हमें खुशी देती है......पर जरा सोचिये अगर हमारे कुछ प्रयासों से किसी दूसरे के जीवन में भी खुशी के कुछ पल आ जायें तो कितना अच्छा रहेगा.....! और ऐसा हो सकता है.......बस जरूरत है अपने खुशी के कुछ पल दूसरों के साथ भी बांटे जायें......!


तो फ़िर क्यों न इसकी शुरुआत की जाये.......लेकिन कैसे....???? हमें कुछ समय निकालना होगा......दूसरों को समझने के  लिये......उनके बारे में सोचने के लिये......और अपने प्रयासों से दूसरों का जीवन भी खुशहाल बनाने के लिये.....!
फ़िर देखिये कि दूसरों की खुशियों  के साथ आपकी और हमारी खुशियां कैसे और भी हसीन हो जायेंगी....!!!

10 comments:

ratnesh singh said...

imprssive but something better may happen.

Suman said...

nice

saurabh said...

sahi kaha aapne.......bahut badhiya apka swagat hai......

Shekhar kumawat said...

sahi kaha aapne.......bahut badhiya apka swagat hai......



bahut khub

shkhar kumawat

http://kavyawani.blogspot.com/

Udan Tashtari said...

सही कहा!

कौशल तिवारी 'मयूख' said...

हंस कर जी कर सुमन बन, सपने कर आबाद |
इस सुमन का मोल क्या , मुरझाने के बाद ||

M VERMA said...

खुश लोगो के बीच रहकर ही खुशी बढ जायेगी

Durgesh said...

आप सभी को कोटिशः धन्यवाद.....!!!!

संगीता पुरी said...

इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

कलम के पुजारी अगर सो गये तो

ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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